Thursday, 10 December 2015

“तेलंगाना इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्राइम यूनिट”


फिल्मों की पायरेसी को रोकने के लिए स्थापित की जा रही देश की अपनी तरह की पहली पुलिस इकाई तेलंगाना (Telangana) में स्थापित की जा रही है तथा इसका नाम “तेलंगाना इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्राइम यूनिट” (Telangana Intellectual Property Crime Unit – TIPCU) रखा गया है। यह इकाई कुछ ही महीनों में कार्य करना शुरू कर देगी तथा इसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन तरीकों से की जा रही फिल्मों की पाइरेसी को रोकना होगा। इसमें साइबर क्राइम पुलिस, तेलंगाना राज्य के IT मंत्रालय, इंटरनेट सेवा प्रदत्ता (ISPs), तेलुगु फिल्म उद्योग, विधि क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा वित्तीय विशेषज्ञों को प्रतिनिधियों के रूप में शामिल किया जा रहा है। TIPCU को लंदन पुलिस की इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्राइम यूनिट (Police Intellectual Property Crime Unit – PIPCU) की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस इकाई के स्थापित हो जाने से तेलुगु फिल्म उद्योग को पायरेसी के खिलाफ एक बड़ा तंत्र मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। तेलुगु फिल्म उद्योग दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में तलिम उद्योग के बाद दूसरा सबसे बड़ा है। भारत में हर वर्ष लगभग 1500 से 2000 फिल्मों का निर्माण होता है लेकिन इन फिल्मों से प्राप्त होने वाले कुल राजस्व में लगभग 30% की सेंध पायरेसी के कारण लग जाती है। इससे फिल्म निर्माताओं को होने वाले भारी आर्थिक नुकसान के अलावा सरकारी राजस्व को भी नुकसान होता है।

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