Friday, 11 December 2015

हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) कानून, 2015



सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) कानून, 2015 (Haryana Panchayati Raj (Amendment) Act, 2015) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस कानून में प्रावधान किया गया था कि हरियाणा राज्य में पंचायती राज प्रणाली के निर्वाचित पदों के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए हाई-स्कूल की शिक्षा न्यूनतम अहर्ता हो जबकि सामान्य वर्ग की महिलाओं और दलित पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अहर्ता आठवीं पास तय की गई थी। वहीं दलित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के पाँचवीं पास को न्यूनतम अहर्ता तय किया गया था। राज्य के इस कानून के खिलाफ कुछ पक्षों ने अपनी आपत्ति जताते हुए इस कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय इस कानून को सही बताते हुए इन याचिकाओं को स्वीकार कर दिया।  हरियाणा के अलावा राजस्थान(Rajasthan) ने भी अपने राज्य में ऐसे ही कानून का निर्माण किया है। माना जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय की मुहर लग जाने से कम से कम पंचायत चुनाव में अन्य राज्य भी न्यूनतम शैक्षिक अहर्ता तय करने की ओर कदम बढ़ायेंगे।

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